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History of computer

कंप्यूटर का इतिहास  (History of computer)
कंप्यूटर का इतिहास बहुत पुरना है ! इस की शरुआत तब हुई ,जब मनुष्य ने गिनने के लिये ऊँगली का उपयोग किया ! इसके बाद 650 बी.सी. में इजिप्ट के नवासी(egyptians) ने पशु पक्षी की आक्रतियो को एक विषेस प्रकार के चिह्न दुआर गुफा में बनाया ! इस के बाद  मनुष्य ने गिनने के लिया अनेक युक्ति के खोजे की !
इस के बाद सबसे आधुनिक गणनात्मक युक्ति अबेकस (Abacus) का निर्माण किया जो की 16 सताब्दी में चीन में हुआ ! यह लकड़ी का आयातकार (Rectangle) फ्रेम होता है ! इस फ्रेम के दो भाग (peart) होते है ! 
Abacus का पहला peart छोटा व दूसरा peart बड़ा राखा गया ! इस फ्रेम में बायीं (left) साइड  से दाये( right) साइड से rod को पार करते हुए तार लगे रहते थे ! इन तारो में मोती पिरोये जाते थे !
इस अबेकस ने गणित विशेषेज्ञो को नयी दिशा प्रदान की इसका प्रयोग चीन ,जापान ,रूस  आदि देश में होने लगा ! सुविधानुसार अबेकस में कुछ परिवर्तन (change) कये गये !
अबेकस के बड़े भाग को अर्थ (Earth) और छोटे भाग को Heaven कहते है ! चीन  में अबेकस का सबसे जादा इस्तमाल (Use) किया जाता है ! जापान में जो अबेकस बनया गया वह चीनी अबेकस का अलग रूप है ! कुछ समय बाद रूस अबेकस का निमार्ण हुआ , यह चीनी व जापानी अबेकस से कुछ भिन्न था !
16 वी सताब्दी में तीन प्रकार के computer की खोज  हुई - 
1.सन 1617 में स्टॉक के गणितज्ञ sir jon nepiyr ने की जिसे नेपियेर बोन के नाम से जाना जाता है ! जिस से जोड़ ,घटा ,भाग ,गुणा बड़ी सरलता से किये जा सकते थे ! यह analogue computer को बनाने में बहुत उपयोगी रहा! 
  2. सन 1620 में जर्मन के विलियन आटरेड ने की जिसे 'स्लाइड-रुल ' के नाम से जाना जाता है !
3. सन 1645 में प्रथम यांत्रिक गणना युक्ति का अविष्कार फ़्रांस में ब्लजे पास्कल ने किया ,जिसे पास्कलीन नाम से जाना जाता है !
इन सब के बाद ब्रिटीश  अविष्कारक चार्ल्स बावेज ने पहली बार सम्पूर्ण computer के कल्पना की ! 
चार्ल्स बावेज का जन्म 1791मेंहुआ ,तथा मृत्यु 1871 में हुई !
सन 1821 में एसी मशीन का मोडल बनाया जो की सभी प्रकार की बीजगणित समीकरण को हल कर सकता था 
इस का नाम डिफेन्स मशीन रखा ! इसे रॉयल एस्ट्रानामिकल सोसाइटी ने aword भी दिया !
इस के बाद चार्ल्स बावेज ने डिफेन्स मशीन का एसा ब्लूप्रिंट बनाया जो आज के कंप्यूटर में देखा जा सकता है !
जैस -ममोरी,इनपुट ,आउटपुट अदि !

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